हमने गांगुली को बीसीसीआई का अध्यक्ष नहीं बनाया, हमारे बीच कोई डील नहीं हुई: शाह

पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का नया निर्विरोध अध्यक्ष बनना तय है। उन्होंने सोमवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया। निर्वाचन की घोषणा 23 अक्टूबर को होगी। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि बीसीसीआई अध्यक्ष चुनने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि गांगुली के साथ उनकी किसी प्रकार की कोई डील नहीं हुई।

शाह ने कहा, ‘‘बीसीसीआई का अध्यक्ष कौन होगा, यह सब मैं तय नहीं करता। इसके लिए बीसीसीआई की अपनी चुनाव प्रक्रिया है। गांगुली के साथ मेरी इस बारे में कोई डील या मीटिंग नहीं हुई।’’

‘हम किसी एक के बगैर भी चुनाव जीत सकते हैं’
शाह से पूछा गया कि गांगुली बीसीसीआई अध्यक्ष पद के बदले पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव 2021 में भाजपा का चेहरा होंगे? इस पर गृह मंत्री ने कहा, ‘‘यह सिर्फ सौरव गांगुली के खिलाफ गलत बातें कही जा रही हैं। वैसे भी हमें बंगाल में किसी चेहरे की जरूरत नहीं। बगैर चेहरे के भी हमने लोकसभा चुनाव में 18 सीटें जीती थीं। इसका मतलब यह नहीं कि चेहरों की जरूरत ही नहीं, लेकिन हम किसी एक के बगैर भी चुनाव जीत सकते हैं।’’

‘गांगुली से मुलाकात में कोई दिक्कत नहीं’
पिछले साल शाह ने गांगुली से मुलाकात की थी। साथ ही सौरव के भाजपा में शामिल होने की अटकलें भी चल रही हैं। इसके सवाल पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘वे (गांगुली) मुझसे मिलने कभी भी आ सकते हैं। मैं क्रिकेट से कई सालों तक जुड़ा रहा हूं। सौरव गांगुली और मेरी मुलाकात में कोई दिक्कत नहीं है।’’

गांगुली 10 महीने के लिए अध्यक्ष होंगे
गांगुली के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा 23 अक्टूबर को होगी। वे 10 महीने के लिए बोर्ड के अध्यक्ष होंगे। गांगुली 5 साल 2 महीने से बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। नए नियमों के अनुसार, बोर्ड का कोई भी सदस्य लगातार 6 साल तक ही किसी पद पर रहेगा। इनके अलावा अमित शाह के बेटे जय को सचिव पद के लिए और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर के छोटे भाई अरुण धूमल को कोषाध्यक्ष चुना गया है।

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