जब खुद हीरो बनने में हुए फेल तो वीरू देवगन ने बेटे अजय को हीरो बनाकर लिया दम


अजय देवगन के पिता वीरू देवगन का निधन हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कार्डियक अरेस्ट की वजह से उनकी मौत हुई है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि वह काफी समय से बीमार चल रहे थे और मुंबई के सांताक्रुज हॉस्पिटल में भर्ती थे। वीरू देवगन बॉलीवुड के जाने-माने एक्शन डायरेक्टर थे।  उन्होंने 80 से ज्यादा फिल्मों में एक्शन सीन कोरियोग्राफ किए।

हीरो बनना चाहते थे…

वीरू देवगन को सिनेमा से बेहद लगाव था। हीरो बनने की ख्वाहिश लिए वे अपने दो दोस्तों के साथ अमृतसर से मुंबई के लिए निकल पड़े थे। मुंबई आकर उन्होंने हीरो बनने के लिए कई जगह पर ट्राय भी किया लेकिन नाकाम रहे.एक दिन उन्हें समझ आ गया कि बतौर हीरो वह फिल्मों के लिए फिट नहीं हैं। फिर एक दिन शीशे में देखकर कहा-‘मैं न सही, पर एक दिन मेरा बेटा हीरो जरूर बनेगा।’

…और बेटे अजय को बना दिया हीरो

वीरू ने अपने बेटे अजय में अपना हीरो बनने का सपना पूरा करने की सोची। वह कम उम्र में ही अजय को फिल्म के सेट्स पर ले जाने लगे। कॉलेज के दौरान उन्हें डांस क्लास ज्वाइन करवाने के अलावा घर में जिम भी बनवा दी। वह अपनी एक्शन फिल्मों के सेट पर भी अजय को स्टंट्स की ट्रेनिंग देने लगे। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान अजय ने शेखर कपूर को असिस्ट करना शुरू कर दिया था। एक दिन जब घर लौटे तो पिता के साथ बैठे डायरेक्टर कुकू कोहली ने उन्हें फूल और कांटे का ऑफर दिया। इसपर अजय ने कहा-आप पागल हो क्या, मैं अभी 18 साल का हूं और अपनी जिंदगी एन्जॉय कर रहा हूं लेकिन पिता वीरू देवगन ने उन्हें मना ही लिया और आखिरकार 1990 में अजय ने अपनी डेब्यू फिल्म की तैयारी शुरू कर दी।