‘मां को सलाम नहीं करेंगे तो क्या अफजल गुरु को करेंगे?’ : वेंकैया नायडू



पिछले कुछ समय से वंदे मातरम पर जारी विवाद पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी अपना पक्ष रखते हुए परोक्ष रूप से इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ कहने पर आपत्ति क्यों है? उन्होंने गुरुवार (7 दिसंबर) को सवाल किया कि ‘अगर मां को सलाम नहीं करेंगे तो क्या अफजल गुरु को सलाम करेंगे?

नायडू ने सवाल किया कि, ‘वंदे मातरम माने मां तुझे सलाम। क्या समस्या है? अगर मां को सलाम नहीं करेंगे तो क्या अफजल गुरू को सलाम करेंगे? उपराष्ट्रपति नायडू विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल की पुस्तक के विमोचन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।

न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने राष्ट्रवाद को परिभाषित करने का प्रयास करने वाले लोगों का उल्लेख करते हुए कहा कि वंदे मातरम का मतलब मां की प्रशंसा करना होता है। उन्होंने कहा कि जब कोई कहता है ‘भारत माता की जय’ वह केवल किसी तस्वीर में किसी देवी के बारे में नहीं है।