महिला आबकारी इंस्पेक्टर का तबादला; फिर भी नहीं छूटा घूस का मोह, 30 हजार रु. लेते गिरफ्तार


‘मेरा ट्रांसफर भले ही हो गया है, लेकिन अभी मैं रिलीव नहीं हुई हूं, वापस भी आ सकती हूं, चुपचाप मंथली दे देना…।’ ऐसी धमकियां देकर शराब ठेकेदारों से मंथली बंधी वसूल कर रही आबकारी विभाग की इंस्पेक्टर मूमल बूब और उसके साथी सिपाही जोगेंद्र सिंह को एसीबी ने सोमवार शाम को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।

मूमल के पति जिनेंद्र कुमार जैन बारां के अंता पुलिस सर्किल के उप अधीक्षक हैं। करीब तीन साल पहले ही बूब का आरएएस एलाइड सर्विस में चयन हुआ था। करीब दो साल से मूमल की पोस्टिंग ओसियां में है और इसके पास जोधपुर शहर मध्य का अतिरिक्त चार्ज भी था। कुछ दिन पहले ही बूब का तबादला बारां जिले के अंता हुआ था।

यहां से रिलीव होने से पहले वो शराब ठेकेदारों से वसूली में जुटी थी। एएसपी (एसीबी) नरेंद्र चौधरी ने बताया कि ओसियां के बरसालू खुर्द निवासी मेहराराम जाट पुत्र शेराराम की ओर से शिकायत मिली थी। इसमें परिवादी ने बताया कि उसके ओसियां सर्किल में शराब के तीन ठेके हैं। इन पर कार्रवाई नहीं करने की एवज में मंथली बंधी के रूप में आबकारी विभाग की इंस्पेक्टर मूमल बूब रिश्वत की मांग कर रही है।

इसका सत्यापन कराने के दौरान बूब द्वारा खुलेआम फोन पर ही शराब ठेकेदारों को मंथली बंधी के लिए धमकाने की बातें सामने आई। परिवादी से भी बूब ने जोधपुर स्थित आबकारी भवन में ही 47 हजार रुपए की रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसी आधार पर एसीबी की टीम ने ट्रेप का आयोजन किया।

रिश्वत ओसियां में सिपाही काे देने के लिए कहा

सोमवार शाम को परिवादी ने इंस्पेक्टर बूब से संपर्क किया, तो उसने रिश्वत की राशि ओसियां आबकारी थाने में सिपाही जोगेंद्रसिंह शेखावत को देने की बात कही। एसीबी की टीम ने वहां शेखावत को 30 हजार रुपए लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। इसके बाद टीम ने शेखावत की बात बूब से कराई, तब भी बूब ने ठेकेदार से और ज्यादा रुपए देने की बात कही।

पुष्टि होने पर एसीबी की टीम ने जोधपुर से मथानिया में अपने पिता के घर पहुंची इंस्पेक्टर मूमल को भी गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे ओसियां आबकारी ऑफिस ले जाकर कार्रवाई पूरी की गई। इसके साथ ही मथानिया में मूमल के पिता अमृतलाल बूब के फार्म हाउस पर एसीबी के इंस्पेक्टर अनिल शर्मा की टीम ने मूमल के कमरे की तलाशी ली। हालांकि, इसमें टीम को कुछ खास नहीं मिला।