आप भी जानें, छींक कब शुभ होती है और कब अशुभ



हिन्दू धर्म में शुभ-अशुभ को लेकर काफी सारी मान्यताएं प्रचलित हैं और यह मान्यता कोई आज से नहीं बल्कि आदिकाल से चली आ रही हैं। ऐसे ही एक मान्यता छींक को लेकर है। जब किसी मनुष्य को अचानक छींक आ जाती है, तो इसका सम्बन्ध भी ज्योतिषशास्त्र के माध्यम से शुभ-अशुभ के रूप में दर्शाया जाता है। आज हम आपसे कुछ इसी सिलसिले पर चर्चा करने वाले है। यहां पर हम छींक के बारे में ही आपसे चर्चा करने वाले हैं, जिसमें हम यह जानेंगे कि छींक का आना कब शुभ होता है और कब अशुभ?

यदि रसोई में दूध उबालते समय छींक आ जाएं, तो वह अशुभ माना जाता है। इससे घर में किसी सदस्य से आपका मन-मुटाव हो सकता है। अगर आप किसी शुभ काम के लिए जा रहे हैं और उस समय गाय छींक दे, तो वह कार्य निश्चित रूप ले सफल होता है। यह धन लाभ का सूचक है। यदि आपके रास्ते में हाथी छींक दे तो राज्य लाभ होता है।

यदि आप किसी काम से बाहर जा रहे है और रास्ते में कुत्ता छींक दे, उस काम में बाधा आती है और वो कार्य पूरा नहीं होता है। अगर एक से ज्यादा छींक करता है तो विपत्ति टल सकती है। शास्त्रों के मुताबिक यदि आपको दवाई लेते समय छींक आ जाए और दवा हाथ से गिर जाए, तो उस रोग का निवारण शीघ्र हो जाता है। ऐसा होने पर रोगी व्यक्ति के स्वास्थ्य में जल्दी सुधार आता है।

यदि कोई व्यक्ति श्मशान या किसी दुर्घटना स्थल पर छींक देता है, तो इसे वैदिक साहित्य में शुभ माना जाता है। इसके अलावा यदि आपको सामने की छींक आती है, तो इससे लड़ाई होने की संभावना होती है। वही अगर चलते वक्त छींक आ जाए तो उससे आपको कष्ट हो सकता है।