जालोरः नहीं चलेंगे 500 ट्रक, जबरन 800 रु. की पर्ची काटने पर मारपीट के बाद ट्रांसपोर्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल
राजस्थान के जालोर जिले में ट्रांसपोर्टरोंं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है. वहां पिछले कुछ समय से ग्रेनाइट स्लरी (पाउडर) के परिवहन को लेकर जारी विवाद अब खुले टकराव में बदल गया है. अवैध वसूली के आरोपों के बीच ट्रक ड्राइवरों पर हमले और तोड़फोड़ की घटना ने हालात को और बिगाड़ दिया है. गुजरात से स्लरी लेकर आ रहे ट्रकों से जबरन 800 रुपये की पर्ची काटने को लेकर झड़प हुई जिसके बाद पहले 500 ट्रकों ने रास्ता जाम किया और अब हड़ताल का ऐलान कर दिया है. ट्रक ड्राइवरों का कहना है कि पहले भी कई बार प्रशासन को शिकायत किए जाने के बाद कार्रवाई नहीं होने की वजह से उन्हें अब हड़ताल का कदम उठाना पड़ा है. ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से जालोर जिले की औद्योगिक गतिविधियों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है.
पर्ची काटने को लेकर मारपीट
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि गुजरात के मोरबी की ओर जा रहे स्लरी से भरे ट्रकों को कुछ लोगों ने रास्ते में रोक लिया. ड्राइवरों से कथित तौर पर 800 रुपए की पर्ची कटवाने को कहा गया. विरोध करने पर मामला हिंसा में बदल गया. ड्राइवरों के साथ मारपीट की गई और ट्रकों के शीशे तोड़ दिए गए. जान बचाने के लिए कई ड्राइवर मौके से भाग गए.

ट्रांसपोर्टरों के संगठन ने सड़क पर उतरकर नारे लगाए
'अवैध' वसूली
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि इस शुल्क को पहले ही अवैध घोषित किया जा चुका है. जिला उपभोक्ता आयोग और प्रशासन ने भी स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कोई वसूली नहीं होगी. इसके बावजूद आरोप है कि कुछ लोग जबरन पैसे वसूल रहे हैं.
सड़कों पर उतरे ट्रांसपोर्टर
घटना के विरोध में गुरुवार को ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और ड्राइवरों ने जालोर-बागरा रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया. करीब 20 मिनट तक यातायात बाधित रहा. इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया गया.
एसोसिएशन के मुताबिक, जब तक वसूली बंद नहीं होती और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक करीब 500 से ज्यादा ट्रक नहीं चलेंगे. इससे ग्रेनाइट उद्योग और सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ सकता है. पुलिस ने पीड़ित ड्राइवरों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है. हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं होने से ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी बनी हुई है.
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