जयपुर में इलेक्ट्रोपैथी बोर्ड भवन का उद्घाटन, वैकल्पिक चिकित्सा के नए युग की शुरुआत
राजस्थान के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देगी इलेक्ट्रोपैथी : प्रो. वासुदेव देवनानी
जयपुर में इलेक्ट्रोपैथी बोर्ड भवन का उद्घाटन, वैकल्पिक चिकित्सा के नए युग की शुरुआत
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार, 1 मई 2026 को इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया। गांधी नगर स्थित राजस्थान इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति बोर्ड के नवनिर्मित कार्यालय भवन का उद्घाटन एवं स्थापना दिवस समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष प्रो. वासुदेव देवनानी थे। कार्यक्रम में मालवीय नगर विधायक श्री कालीचरण सर्राफ, राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, जोबनेर के कुलपति प्रो. त्रिभुवन शर्मा, बोर्ड रजिस्ट्रार डॉ. आनंद कुमार शर्मा, इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष ई. डॉ. हेमंत सेठिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।
संघर्ष से संस्थागत स्थापना तक का सफर
इस अवसर पर इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष ई. डॉ. हेमंत सेठिया ने इलेक्ट्रोपैथी की मान्यता हेतु वर्षों से चले आ रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1998 से प्रारंभ हुआ यह अभियान आज संस्थागत स्वरूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री दिगंबर सिंह, राजेंद्र राठौड़ एवं कालीचरण सर्राफ के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सकारात्मक पहल से वर्ष 2018 के अधिनियम को बोर्ड गठन के माध्यम से पूर्णता मिली।
114 औषधीय पौधों पर आधारित है पद्धति
राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. त्रिभुवन शर्मा ने कहा कि इलेक्ट्रोपैथी का संबंध “इलेक्ट्रिसिटी” से नहीं, बल्कि शरीर के आयोनिक संतुलन से है। उन्होंने बताया कि यह पद्धति 114 औषधीय पौधों के अर्क पर आधारित है और प्राकृतिक चिकित्सा सिद्धांतों पर कार्य करती है। उन्होंने वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के वैज्ञानिक अध्ययन और अनुसंधान की आवश्यकता पर भी बल दिया।
“भारत पुनः विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर”
मुख्य अतिथि प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि भारतीय परंपरा और प्रकृति आधारित चिकित्सा पद्धतियाँ आज पुनः विश्व स्तर पर सम्मान प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रोपैथी राजस्थान के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने इलेक्ट्रोपैथी के विकास के लिए तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया:
मानकीकरण (Standardization)
शिक्षण व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण
अनुसंधान (Research)
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ने पर यह पद्धति भविष्य में व्यापक स्वीकार्यता प्राप्त कर सकती है।
जनसहयोग से विकसित हुआ परिसर
बोर्ड रजिस्ट्रार डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि बोर्ड कार्यालय स्थापित होने से अब पंजीकरण, प्रशासनिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन व्यवस्थित रूप से किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि परिसर के विकास में जनसहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है:
कॉन्फ्रेंस हॉल — कांति चंद दुग्गड़ जी के सहयोग से
जल मंदिर — माणकचंद बोथरा जी के सौजन्य से
पुस्तकालय — रामा गोयल धर्मपत्नी
हरीश गोयल जी के सहयोग से
सड़क निर्माण — विधायक कालीचरण सर्राफ के प्रयासों से
हरा-भरा परिसर — नेचर वेलफेयर काउंसिल एवं वाइटल केयर फाउंडेशन के सहयोग से विकसित
न्यूज़ लेटर एवं पुस्तिका का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान बोर्ड के न्यूज लेटर “द इलेक्ट्रोपैथी संवाद” के तृतीय संस्करण तथा “आरोग्य मेला” पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। इससे पूर्व गायत्री हवन एवं अमृत वाणी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का संचालन सुश्री श्वेता जैन ने किया।




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