नीट पेपर लीक मामले में 'मनी ट्रेल' का खुलासा, 10 से 15 लाख में बिका एक पेपर! जयपुर में 24 संदिग्धों से CBI कर रही पूछताछ
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 2026 के पेपर लीक (Paper Leak) मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का एक्शन शुरू हो गया है. मंगलवार रात करीब 8 बजे CBI की एक विशेष टीम जयपुर स्थित स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के मुख्यालय पहुंची और औपचारिक रूप से जांच की कमान अपने हाथ में ले ली.
SOG ने सौंपे 24 से ज्यादा संदिग्ध, आज हो सकती है गिरफ्तारी
SOG के आईजी अजय लांबा ने देर रात पुष्टि की कि राजस्थान पुलिस ने अपनी जांच के दौरान हिरासत में लिए गए दो दर्जन से अधिक संदिग्धों को CBI के हवाले कर दिया है. ये वो लोग हैं जिन्हें SOG ने राजस्थान के अलग-अलग जिलों से अपनी शुरुआती जांच के दौरान पकड़ा था. सूत्रों के मुताबिक, CBI आज (बुधवार को) इन संदिग्धों की औपचारिक गिरफ्तारी कर सकती है और इन्हें जयपुर की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड की मांग की जा सकती है.
10 से 15 लाख में हुआ सवालों का सौदा
NDTV को SOG सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जयपुर और हरियाणा में सक्रिय सिंडिकेट ने इस पेपर को बड़े पैमाने पर भुनाने की योजना बनाई थी. संदिग्धों ने एक-एक पेपर की कॉपी 10 से 15 लाख रुपये में बेची. SOG ने इन पैसों के लेन-देन (Money Trail) के पुख्ता डिजिटल और दस्तावेजी सबूत CBI के साथ साझा कर दिए हैं.
'गेस पेपर' के नाम पर बेचे गए असली सवाल
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि माफिया ने असली पेपर को सीधे बेचने के बजाय 'गेस पेपर' का नाम दिया था. इस गेस पेपर में 400 से अधिक सवाल थे, लेकिन उनके भीतर 3 मई की परीक्षा के बायोलॉजी के सभी 90 और केमिस्ट्री के 45 असली सवाल छिपाए गए थे. सिंडिकेट ने छात्रों से कहा था कि सिर्फ इन सवालों को रट लेने से उनका काम बन जाएगा.
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