बिहार में सियासी हलचल तेज: 48 घंटे में नए मुख्यमंत्री का ऐलान, 15 अप्रैल को शपथ संभव
बिहार की सियासत में तेज हलचल के बीच अगले 48 घंटों में नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगने की संभावना है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के बीच अहम बैठक हुई, जिसमें संभावित मंत्रियों की सूची पर चर्चा की गई। इससे पहले दोनों नेताओं ने मंत्री जमा खान और बिजेंद्र यादव के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की, जहां करीब एक घंटे तक नई सरकार के गठन को लेकर मंथन हुआ। बैठक के बाद मंत्री जमा खान ने संकेत दिए कि 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की भी संभावना है।
इधर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां तेज हो गई हैं। पटना के डीएम त्यागराजन राजभवन पहुंचे और शपथ ग्रहण की तैयारियों को लेकर राज्यपाल को जानकारी दी। वहीं, 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी के पटना दौरे की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है और स्टेट हैंगर से लोकभवन तक बैरिकेडिंग की जा रही है। भाजपा ने अपने सभी विधायकों को 14 और 15 अप्रैल तक पटना में रहने के निर्देश दिए हैं, जबकि पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद और मंत्रिमंडल को लेकर लगातार बैठकों का दौर जारी है।
दूसरी ओर, जदयू में भी नए और पुराने चेहरों के संतुलन के साथ मंत्रिमंडल के आकार पर गहन विचार-विमर्श हो रहा है। इसमें ललन सिंह की भूमिका अहम मानी जा रही है, जो अंतिम रणनीति तय करने में जुटे हैं। 14 अप्रैल को सुबह 11 बजे नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की अंतिम बैठक होगी, जिसके बाद वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। इसके तुरंत बाद एनडीए विधायक दल की बैठक में नए नेता का चुनाव किया जाएगा। इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। कुल मिलाकर बिहार में सत्ता परिवर्तन अब अंतिम चरण में है और अगले दो दिनों में नई सरकार की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।
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