श्रीसांवलिया सेठ में पैसों की बारिश, पिछला रिकॉर्ड ध्वस्त; 6 दिन से नोटों गिनती जारी
मेवाड़ के सुप्रसिद्ध कृष्ण धाम श्रीसांवलिया सेठ के दरबार में आस्था का सैलाब न केवल श्रद्धालुओं के रूप में, बल्कि उनके द्वारा अर्पित किए गए दान के रूप में भी उमड़ रहा है. इस माह के भंडार की गिनती ने पिछले सभी मासिक रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं. आलम यह है कि 5 चरणों की गिनती पूरी होने तक दानराशि साढ़े 32 करोड़ से अधिक तक पहुंच चुकी है, और दानराशि की गिनती का सिलसिला अभी थमा नही है. 16 अप्रैल को कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के अवसर पर विशेष भोग आरती के पश्चात मंदिर मंडल की सीईओ, अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों की उपस्थिति में भंडार खोला गया था.
सत्संग हाल में हो रही गिनती
पहले चरण में 11 करोड़ 11 लाख रुपए की गिनती हुई. उसके बाद दूसरे चरण की गिनती में 6 करोड़ 51 लाख 24 हजार 5 रुपए की दानराशि की गिनती हुई. महज दो चरणों की गिनती में ही दानराशि 17 करोड़ 62 लाख 24 हजार पांच रुपए तक पहुंच गई. तीसरे चरण में 9 करोड़ 62 लाख 38 हजार 995 रुपए, चौथे चरण में 3 करोड़ 77 लाख रुपए और पांचवें चरण की गिनती में एक करोड़ 31 लाख 42 हजार रुपए की दानराशि की गिनती हुई. आज गुरुवार को छठे चरण की गणना मंदिर परिसर के सत्संग हॉल में की जा रही है.
नोटों के साथ निकल रहा सोना-चांदी
पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. सबसे पहले बड़े नोटों की छंटनी की जाती है, जिसके बाद छोटे नोटों और सिक्कों की गणना होती है. भंडार से नोटों के ढेर के साथ बड़ी मात्रा में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित सोना-चांदी भी निकल रहा है. मंदिर प्रशासन के अनुसार, इन कीमती धातुओं को फिलहाल अलग सुरक्षित रखा जा रहा है. दानराशि की गणना के अंतिम दिन इनका विधिवत तौल किया जाएगा.
भक्त सांवलिया सेठ को बनाते हैं बिजनेस पार्टनर
श्रीसांवलिया सेठ के प्रति भक्तों की अटूट श्रद्धा का एक बड़ा कारण यहां की अनोखी परंपरा है. देश-दुनिया से आने वाले कई भक्त श्रीसांवलिया सेठ को अपने व्यापार में पार्टनर बनाते हैं. वे अपने मुनाफे का एक निश्चित हिस्सा भगवान श्रीसांवलिया सेठ के नाम तय करते हैं, और व्यापार में लाभ होने पर उस हिस्से को सांवरा सेठ के भंडार में पूरी श्रद्धा के साथ समर्पित करते हैं.
यहां रोजना हजारों श्रद्धालु मन्दिर के दर्शन करने पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं के चढ़ावे की वजह से मंदिर का भंडार हर महीने नई ऊंचाइयों को छू रहा है. सांवलिया सेठ के खजाने में उमड़ता यह दान केवल धन नहीं, बल्कि देश-दुनिया के भक्तों का अटूट विश्वास है. फिलहाल छठे चरण की गिनती जारी है, जिससे दान का यह आंकड़ा अभी और भी बढ़ने की उम्मीद है.
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