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गाजियाबाद में राष्ट्रीय संगोष्ठी—समरस समाज के निर्माण में गोरक्षपीठ की भूमिका पर मंथन

Apr 23, 2026 Super Admin 99
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गाजियाबाद में राष्ट्रीय संगोष्ठी—समरस समाज के निर्माण में गोरक्षपीठ की भूमिका पर मंथन

कलम ए राजस्थान
गाजियाबाद। सामाजिक समरसता में गोरक्षपीठ, गोरखपुर की भूमिका” विषय पर एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन  हिंदी भवन, गजप्रस्थ, गाजियाबाद में सम्पन्न हुआ। 

कार्यक्रम में  पूज्य अरुण योगी  ने  कहा कि “समरसता केवल एक सामाजिक विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने की वह पद्धति है, जो व्यक्ति को समाज से और समाज को राष्ट्र से जोड़ती है।
    पूज्य स्वामी पद्मानंद गिरी महाराज ने कहा कि “सनातन धर्म की मूल आत्मा समरसता में ही निहित है, जहां भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं, बल्कि ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना सर्वोपरि है।” 

 विश्व हिंदू परिषद के  मुकेश खांडेकर,
वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “समरसता का विषय केवल धार्मिक या सामाजिक विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। मीडिया और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसे सकारात्मक प्रयासों को व्यापक मंच मिले।”
       ब्लॉसम इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित संगोष्ठी में ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की प्रेरणा से संचालित श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रही। 
   कार्यक्रम के संयोजक एवं ब्लॉसम इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक  शशिप्रकाश सिंह ने सभी अतिथियों, विद्वानों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्तकिया ।

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