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महिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज, सरकार और कांग्रेस आमने-सामने

Apr 15, 2026 Super Admin 10
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महिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज, सरकार और कांग्रेस आमने-सामने

देश की राजनीति में इन दिनों महिला आरक्षण बिल को लेकर हलचल तेज हो गई है। एक ओर नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाकर बिल पास कराने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इसकी टाइमिंग और मंशा पर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर सीधे सरकार को घेरते हुए पूछा है कि चुनावी माहौल के बीच इतनी जल्दबाजी में बिल लाने की क्या जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले सरकार ने इस बिल को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर रखा था, लेकिन अब बिना इन प्रक्रियाओं के 2029 से लागू करने की बात कही जा रही है।

केंद्र सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला संशोधित बिल पेश किया जाएगा। इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी सरकार के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं।

कांग्रेस का कहना है कि महिला सशक्तिकरण के लिए वह पहले से ही प्रतिबद्ध रही है और मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान ही इस बिल की नींव रखी गई थी। वहीं, भाजपा इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए इसका श्रेय लेने में जुटी है।

फिलहाल, महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि राजनीति से इतर देखा जाए तो यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिसके जल्द हकीकत बनने की उम्मीद है।

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