ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता पर सवाल, ट्रम्प की कड़ी चेतावनी
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध को खत्म करने के लिए चल रही बातचीत में अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है। इस बीच ईरान ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजई ने कहा है कि पाकिस्तान भले ही एक दोस्त देश है, लेकिन वह इस मुद्दे पर निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभा सकता। उनका आरोप है कि पाकिस्तान अक्सर अमेरिका और उसके हितों को ध्यान में रखता है, जिससे उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
रेजई ने यह भी कहा कि एक सच्चा मध्यस्थ वही होता है, जो दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाए रखे, न कि किसी एक के पक्ष में झुका हुआ दिखाई दे।
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 24 घंटे के भीतर दो बार पाकिस्तान का दौरा किया है, जिससे कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है।
वहीं दूसरी ओर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ईरान के पास युद्ध खत्म करने के लिए सीजफायर पर सहमत होने के लिए केवल तीन दिन का समय है।
एक इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान तेल का निर्यात नहीं कर पाता, तो उसकी पाइपलाइनों में दबाव बढ़ सकता है, जिससे विस्फोट होने का खतरा पैदा हो जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसी स्थिति में पाइपलाइन को दोबारा पहले जैसी हालत में लाना बेहद मुश्किल होगा।
कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं और कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद समाधान दूर नजर आ रहा है।
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