शनिवार, 6 जून 2026
KalameRajasthan
ताज़ा
• भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, मदन गोपाल सोनी बने प्रदेश मीडिया सह प्रभारी • NEET 2026 ही नहीं, साल 2025 के एग्जाम पर भी सवाल! एक ही परिवार के 5 बच्चों को कैसे मिला मेडिकल कॉलेज? • NEET UG Re-Exam Date: 21 जून को होगी NEET की परीक्षा, NTA ने जारी की डेट • PM मोदी की अपील का असर, बीकानेर पहुंचे कानून मंत्री ने छोड़ीं सरकारी गाड़ियां; ई-रिक्शा में बैठकर पहुंचे घर • NEET पेपर लीक के आरोपी संग वायरल फोटो पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने तोड़ी चुप्पी, डोटासरा का नाम लेकर दिया बड़ा बयान • भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, मदन गोपाल सोनी बने प्रदेश मीडिया सह प्रभारी • NEET 2026 ही नहीं, साल 2025 के एग्जाम पर भी सवाल! एक ही परिवार के 5 बच्चों को कैसे मिला मेडिकल कॉलेज? • NEET UG Re-Exam Date: 21 जून को होगी NEET की परीक्षा, NTA ने जारी की डेट • PM मोदी की अपील का असर, बीकानेर पहुंचे कानून मंत्री ने छोड़ीं सरकारी गाड़ियां; ई-रिक्शा में बैठकर पहुंचे घर • NEET पेपर लीक के आरोपी संग वायरल फोटो पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने तोड़ी चुप्पी, डोटासरा का नाम लेकर दिया बड़ा बयान

पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी: घाटी में बढ़ी सुरक्षा, बदले हालात

Apr 22, 2026 Super Admin 42
शेयर:
पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी: घाटी में बढ़ी सुरक्षा, बदले हालात

आज जम्मू-कश्मीर पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी है। 22 अप्रैल 2025 को श्रीनगर से करीब 95 किलोमीटर दूर बैसरन घाटी में हुए इस कायरतापूर्ण हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर 26 लोगों की जान ले ली थी, जिससे घाटी में दहशत का माहौल बन गया था।

इस हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया। भारतीय वायुसेना ने 6-7 मई 2025 की आधी रात 1:05 बजे पाकिस्तान और पीओके में एयर स्ट्राइक की। करीब 25 मिनट तक चले इस ऑपरेशन में 7 शहरों में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया था।

हमले के एक साल बाद कश्मीर घाटी में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। अब सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बैसरन घाटी, जहां यह हमला हुआ था, आज भी प्रतिबंधित क्षेत्र बना हुआ है और यहां एक तय सीमा से आगे जाने की अनुमति नहीं है।

वहीं, बेताब वैली और अरु जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों को दोबारा सैलानियों के लिए खोल दिया गया है, लेकिन सख्त निगरानी के साथ। हर पर्यटक और वेंडर को वेरिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है।

घाटी के सभी टूरिस्ट स्पॉट्स पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। जगह-जगह जवान मुस्तैद हैं, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। सीआरपीएफ के जवान लगातार टूरिस्ट स्थलों और आसपास के इलाकों में पेट्रोलिंग कर रहे हैं।

पहलगाम हमले की यह बरसी एक तरफ जहां देश को उस दर्दनाक घटना की याद दिलाती है, वहीं यह भी दिखाती है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

हमसे जुड़ें

शेयर करें:

संबंधित ख़बरें